विशेष वैदिक अनुष्ठान
गया पिंडदान (ऑनलाइन संकल्प)
गया में विष्णुपद और फल्गु नदी पर पिंडदान

अगली उपलब्ध तिथियां
- मंगलवार, 29 सितंबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 4)
- बुधवार, 30 सितंबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 5)
- गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 6)
- शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 7)
- शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 8)
- रविवार, 4 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 9)
- सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 10)
- मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 — पितृ पक्ष (श्राद्ध) (दिन 11)
परिचय
गरुड़ और वायु पुराण में गया को पिंडदान का सबसे पवित्र स्थान बताया गया है; मान्यता है कि यहाँ किया गया पिंडदान पितरों को मोक्ष देता है। हमारे नेटवर्क के पंडित फल्गु नदी और विष्णुपद पर आपके पितरों के नाम-गोत्र से पिंडदान और तर्पण करते हैं, विशेषकर पितृ पक्ष और अमावस्या पर।
लाभ
- शास्त्र अनुसार पितरों को मोक्ष और शांति
- यात्रा के बिना गया श्राद्ध का कर्तव्य पूरा
- पितृ दोष से राहत
यह पूजा किसे करानी चाहिए
- जो गया नहीं जा सकते
- NRI परिवार
- पितृ पक्ष में कोई भी
पूजा विधि
- पितरों के नाम-गोत्र से संकल्प
- फल्गु स्नान और तर्पण
- विष्णुपद पर पिंडदान
- ब्राह्मण दक्षिणा संकल्प
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
विष्णुपद मंदिर, गया
पिंडदान के लिए गया सर्वश्रेष्ठ तीर्थ है। विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के चरण चिह्न हैं और पितृ पक्ष में फल्गु नदी तट पर श्राद्ध से पितरों को मुक्ति मिलती है।
और पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या गया पिंडदान जीवन में एक बार होता है?
परंपरा में एक बार गया श्राद्ध पूर्ण माना जाता है, पर कई परिवार पितृ पक्ष में इसे दोहराते हैं।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।

