विशेष वैदिक अनुष्ठान
गुरु चांडाल दोष निवारण पूजा
गुरु के साथ राहु या केतु की युति हेतु

अगली उपलब्ध तिथियां
- गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
- सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 — पूर्णिमा
- गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
- गुरुवार, 5 नवंबर 2026
- गुरुवार, 12 नवंबर 2026
परिचय
कुंडली में बृहस्पति के साथ राहु (या केतु) होने पर गुरु चांडाल योग बनता है। ज्ञान, धर्म और गुरु के कारक बृहस्पति पर राहु का भ्रम छा जाता है, जिससे गलत निर्णय, मार्गदर्शन की कमी, संतान या शिक्षकों से समस्या और धर्म से दूरी हो सकती है। शांति गुरुवार को पीली सामग्री से बृहस्पति और राहु जाप तथा हवन द्वारा होती है।
लाभ
- विवेक और सही निर्णय क्षमता
- शिक्षा और संतान में सहायता
- गुरुजनों और बड़ों से संबंधों में सुधार
यह पूजा किसे करानी चाहिए
- कुंडली में गुरु के साथ राहु/केतु
- गुरु-राहु की दशा वाले
पूजा विधि
- संकल्प
- पीली सामग्री से बृहस्पति पूजन
- गुरु और राहु मंत्र जाप
- हवन
मंत्र
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन
महाकालेश्वर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। प्राचीन अवंतिका नगरी उज्जैन भारतीय काल-गणना का केंद्र (शून्य रेखांश) रही है, इसलिए महाकाल को समय के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। प्रातःकालीन भस्म आरती विश्वविख्यात है। महाकाल क्षेत्र में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और कालसर्प शांति अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
और पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रेष्ठ दिन?
गुरुवार, गुरु पुष्य योग या पूर्णिमा।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।

