सामूहिक पूजा
नवग्रह शांति पूजा
वैदिक जाप और हवन से नौ ग्रहों में संतुलन

अगली उपलब्ध तिथियां
- रविवार, 4 अक्टूबर 2026
- शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 — शनि अमावस्या
- रविवार, 11 अक्टूबर 2026
- शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 — तुला संक्रांति
- रविवार, 18 अक्टूबर 2026
- रविवार, 25 अक्टूबर 2026
- रविवार, 1 नवंबर 2026
- रविवार, 8 नवंबर 2026
परिचय
नवग्रह शांति से सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु नौ ग्रह एक साथ शांत होते हैं। यह तब कराई जाती है जब कई ग्रह कमजोर या पीड़ित हों, कठिन दशा चल रही हो, नए कार्य से पहले, या वार्षिक सुरक्षा हेतु। हर ग्रह का उसके धान्य, रंग, समिधा और बीज मंत्र के साथ अलग मंडल पर आवाहन होता है और फिर संयुक्त हवन होता है।
लाभ
- नौ ग्रहों के प्रभाव में संतुलन
- कठिन महादशा / अंतर्दशा में राहत
- स्वास्थ्य, करियर और संबंधों में सहायता
- बड़े कार्यों से पहले अनुशंसित
यह पूजा किसे करानी चाहिए
- जिनके कई ग्रह पीड़ित हैं
- कठिन दशा से गुजर रहे लोग
- विवाह, व्यापार या गृह प्रवेश से पहले
पूजा विधि
- संकल्प और गणेश पूजन
- नवग्रह मंडल स्थापना
- प्रत्येक ग्रह का बीज मंत्र जाप
- नौ समिधाओं से हवन
- पूर्णाहुति और आरती
मंत्र
ॐ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तु॥
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन
महाकालेश्वर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। प्राचीन अवंतिका नगरी उज्जैन भारतीय काल-गणना का केंद्र (शून्य रेखांश) रही है, इसलिए महाकाल को समय के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। प्रातःकालीन भस्म आरती विश्वविख्यात है। महाकाल क्षेत्र में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और कालसर्प शांति अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
और पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कौन सा ग्रह परेशान कर रहा है?
हमारे फ्री कुंडली और दोष कैलकुलेटर का उपयोग करें, या पूजा बुक कर जन्म विवरण दें; पंडित जी पीड़ित ग्रह पर विशेष ध्यान देंगे।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।

