सामूहिक पूजा
शुक्र ग्रह शांति पूजा
शुक्रवार को हवन सहित 16,000 शुक्र मंत्र जाप

अगली उपलब्ध तिथियां
- शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026
- शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026
- शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026
- शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026
- शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
- शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
- शुक्रवार, 13 नवंबर 2026
- शुक्रवार, 20 नवंबर 2026
परिचय
वैदिक ज्योतिष में शुक्र प्रेम, विवाह, पत्नी (पुरुषों हेतु), विलासिता, सौंदर्य और कला के कारक हैं। कुंडली में शुक्र कमजोर, नीच, वक्री या पीड़ित हों, या उनकी महादशा-अंतर्दशा चल रही हो, तो दांपत्य कलह, सुख-सुविधा की कमी, संबंधों में समस्या और प्रजनन स्वास्थ्य जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शुक्र ग्रह शांति पूजा इसका वैदिक उपाय है: सफेद पुष्प और वस्त्र से ग्रह का मंडल पर आवाहन होता है, शास्त्र अनुसार 16,000 बीज मंत्र जाप किया जाता है और गूलर की समिधा से हवन द्वारा अनुष्ठान पूर्ण होता है। आपके नाम से चावल, शक्कर, सफेद वस्त्र, इत्र का दान किया जाता है। पूजा शुक्र के वार शुक्रवार को होती है।
लाभ
- कमजोर या पीड़ित शुक्र को बल
- शुक्र महादशा / अंतर्दशा में राहत
- प्रेम और विवाह संबंधी मामलों में सुधार
- रत्न धारण का विकल्प या पूरक
यह पूजा किसे करानी चाहिए
- कुंडली में शुक्र कमजोर, नीच या पीड़ित हों
- शुक्र महादशा या अंतर्दशा वाले
- दांपत्य कलह झेल रहे लोग
पूजा विधि
- नाम, गोत्र और जन्म विवरण से संकल्प
- शुक्र मंडल स्थापना और पूजन
- 16,000 बीज मंत्र जाप
- गूलर समिधा से हवन
- दान संकल्प: चावल, शक्कर, सफेद वस्त्र, इत्र
मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
आपको क्या मिलेगा
- आपके नाम और गोत्र से संकल्प
- सत्यापित वैदिक पंडितों द्वारा पूजा
- 48 घंटे में पूजा का वीडियो
- ईमेल और टेलीग्राम पर बुकिंग अपडेट
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन
महाकालेश्वर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। प्राचीन अवंतिका नगरी उज्जैन भारतीय काल-गणना का केंद्र (शून्य रेखांश) रही है, इसलिए महाकाल को समय के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। प्रातःकालीन भस्म आरती विश्वविख्यात है। महाकाल क्षेत्र में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और कालसर्प शांति अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
और पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या इसकी जगह हीरा पहनें?
रत्न ग्रह की शक्ति बढ़ाता है और केवल सही कुंडली विश्लेषण के बाद ही पहनना चाहिए। शांति पूजा सभी के लिए सुरक्षित है और बिना दुष्प्रभाव शुक्र को शांत करती है।
शुक्र पूजा के लिए श्रेष्ठ दिन?
शुक्रवार और जब चंद्रमा शुक्र के नक्षत्र में हो।
क्या पूजा का वीडियो मिलेगा?
हाँ, संकल्प और पूजा का वीडियो सामान्यतः 48 घंटे में आपके बुकिंग पेज पर मिलता है।
क्या बुकिंग रद्द कर सकते हैं?
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक रद्द करने पर पूरी राशि लौटाई जाती है। विवरण धनवापसी नीति में देखें।
पूजा वैदिक परंपरा और आस्था के अनुसार की जाती है। हम किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देते; परिणाम भाग्य, कर्म और प्रयास पर निर्भर करते हैं।

